An Open Letter From An Angry Indian Trekker

I was standing on a green-top knoll with the magnificent Dhauladhar mountain ranges in the backdrop. On the opposite side of the knoll, I was really shocked by seeing hordes of white and yellow sacks full of trash

जब बरसात में मै भटका हाटु मंदिर का रास्ता|

पिछले साल बर्फ कम गिरी, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदुषण ने मौसम की हालत खस्ता कर दी| बड़ी मुश्किल से मैंने एक पराशर लेक ट्रेक का प्लान बनाया, वहां पंहुचा तो दूर दूर तक इतनी हरियाली मिली की लगा ट्रेक के बिच में टाइम ट्रेवल कर के मई के महीने में आ गया हूँ| मैं खखुआ कर रह गया, बर्फ तो देखनी थी अब कैसे भी देखु| मंडी आया तो दिल्ली के बदले हम सीधा शिमला निकल लिए|

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