Dev Dipawali and Death of a Festival in the era of Internet Glamorization

Dev Dipawali is just one of the many examples of what happens when a place or an event becomes mainstream. The examples are spread from Ranthambore to Mcleodganj.

फोटो यात्रा: देव दीपावली वाराणसी 2016

देव दिवाली के दिन घाटों को सजाने का काम एक दिन पहले ही शुरू हो जाता है| सुबह सुबह घाटों पर लड़किया रंगोलिया बनाना शुरू कर देती है| हर घाट की एक अलग रंगोली होती है| इस काम में विदेशो से आई लड़किया भी शामिल हो जाती है| उनके लिए तो ये भी incredible India का एक unique experience है|

Blog at WordPress.com.

Up ↑